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अनोज कुमार प्रजापति, पासीघाट - 04 जुलाई-
 भारतीय सेना में महिला मेलेट्री पुलिस में महिलाओं को शामिल करने के लिये सेना द्वारा रजिस्ट्रेसन प्रक्रिया शुरु की गई हैं। जो आगामी 20 जूलाई तक चलेगी।
 वहीं  ईस्ट सियांग जिला प्रशासन के सहयोग से तथा सिगार मेलेट्री स्टेशन और आउन (AAUN) फाउंडेसन की ओर  पिछले 26 जुन  से पासीघाट स्थित टाउन हाल में  चलने वाली रजिस्ट्रेसन प्रक्रिया शनिवार को समाप्त हो गई।  
इसमें ईस्ट सियांग की लड़कियों को सेना पुलिस में शामिल करने के लिये सहायता उपलब्ध कराने के लिये यहां रजिस्ट्रेसन शुरु की गई थी।  साथ ही रजिस्ट्रेसन प्रक्रिया में सफल होने वाले लड़कियों को सेना में भर्ती के लिये जरुरी प्रशिक्षण भी दिया जायेगा और इन्हे शिलोंग में होने वाले सेना की  भर्ती कार्यक्रम में भेजा जायेगा।  वहीं पिछले 26 जुन से तीन जुलाई तक चलने वाली इस रजिसट्रेसन प्रक्रिया में कुल 139 लड़कियों ने भाग लिया। जिसमें से 81 लड़कियों का सफलतापुर्वक रजिस्ट्रेसन किया गया और 25 लड़कियों का  विभिन्न कारणों से रजिस्ट्रेसन नही हो पाया।  पासीघाट के टाउन क्लब में आयोजित नौ दिवसीय   रजिस्ट्रेसन प्रक्रिया में भाग लेने के लिये  स्थानीय लड़कियों में  काफी उत्साह देखा गया ।

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जोनाई , निज संवाददाता , 4 जुलाई :-----
            अरुणाचल प्रदेश के एकल अभियान के तहत ईस्ट सियांग जिले के पासीघाट और रुकसिन ब्लाक के संच के सभी आचार्यों के बीच समिति द्वारा मेडिकल किट ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर का वितरण रुकसिन स्थित आरडव्ल्युडी के गेस्ट हाउस के प्रांगण में किया गया। 
 इसके पूर्व सभी आचार्यों को कोरोना से बचाव को लेकर देसी उपाय बताते हुए अपने विद्यालय क्षेत्र में शत प्रतिशत वैक्सीनेशन के लिए लोगों को जागरूक करने का आग्रह किया गया। 
   सभी आचार्यों को बेझिझक होकर कोरोना का टीका लगवाने का नसीहत देते हुए कहा की कोरोना का टीका भारत सरकार द्वारा प्रमाणित है। 
  टीका लेने के बाद किसी भी तरह का कोई परेशानी नहीं हो रहा है। खुद भी टीका लीजिए और दूसरों को भी टीका लेने के लिए प्रेरित कीजिए। अभी कोरोना का प्रकोप खत्म नहीं हुआ है। सावधानी और बचाव का ख्याल नियमित रूप से करें। उन्होंने कहा कि एकल विद्यालय क्षेत्र के लोगों को वैक्सीन लेने के लिए जागरूक करें और वैक्सीनेशन कार्यक्रम को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव के साथ एकल विद्यालय से जुड़े हुए विद्यार्थियों से मौका पाकर संवाद करें।निर्देश दें कि कोरोना काल में लोगों से दूरी बनाए रखें और चेहरे पर मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकले। इस मौके पर रुकसिन और पासीघाट के दोनों से आए हुए एकल विद्यालय के आचार्य उपस्थित थे।
एकल अभियान के तहत ईस्ट सियांग जिले के पासीघाट और रुकसिन ब्लाक के करीब 30 संच के सभी आचार्यों के बीच समिति द्वारा मेडिकल किट ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर का वितरण किया गया । वितरण सभा में अरुणांचल प्रदेश के अवकाश प्राप्त शिक्षा विभाग के निदेशक, तापी गांव , एकल अभियान के ताकिंग तायेंग ,मागपा पयांग ,पंचायत चेयरपार्सन (मुखिया) भक्तो पेगु और विनोद राय आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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जोनाई , निज संवाददाता , 24 जुलाई :--
     नेशनल लिबरेशन फ्रंट आफ बोडोलैंड (एनएलएफबी ) के प्रधान सेनाध्यक्ष एम बाथा , अध्यक्ष आई बी विथौनगौड़ा , उपाध्यक्ष बकु बसुमतारी सहित 23 सदस्यों ने बृहस्पतिवार को हथियार डाल दिए। उल्लेखनीय है कि जनवरी 2020 में तीसरे बोड़ो शांति समझौते पर हस्ताक्षर के बाद एम.बाथा के नेतृत्व में एनडीएफबी के कुछ असंतुष्ट कैडरों के जंगल में लौटने के बाद यह संगठन बनाया गया था। ये ज्यादातर बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (बीटीआर) में सक्रिय था। 

 

      माजबाट राजस्व चक्र और माजबाट थाने के अंतर्गत लालपानी पुलिस चौकी के अधीन 37 नं. भैरवकुंड परिषदीय क्षेत्र के शिकारीदांगा गांव में अरुणाचल के घने पहाड़ी जंगलों से पैदल चलकर आए संगठन के मुख्य सेनाध्यक्ष एम बाथा ,अध्यक्ष आईबी बंथिगरा, उपमुख्य सेनाध्यक्ष बोको बसुमातारी सहित 23 उग्रवादी सदस्यों ने आत्मसमर्पण किया।उल्लेखनीय है कि शस्त्र संगठन असम सरकार के मंत्री और शीर्ष क्रम के पुलिस अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करने पर संयुक्त बोडो गणमंच (यूबीपीओ) के अध्यक्ष मनोरंजन बसुमतारी , सचिव पितांबर ब्रह्मा ने जोरदार तरीके से स्वागत किया है। साथ ही यूबीपीओ संगठन ने कहा है कि अब बोडो समुदाय लोगों में विकास की गति तेजी आएगी।

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जोनाई , निज संवाददाता ,24 जुलाई :-
        नेशनेल बुक ट्रष्ट अब इंडिया ने पूर्वांचल प्रहरी, लाट साहब के युवा पत्रकार तथा कुशल अनुवादक अरुणज्योति बोरा द्वारा हिन्दी से असमीया भाषा में अनुदित पांच बाल पुस्तकें प्रकाशित की है। इन पांच पुस्तकों में अखिलेश श्रीवास्तव चमन की दादी की दादी, जयंती रंगनाथन की भाग सोनी भाग, अनिता जैन भाटनागर की कुम्भ, कुलवंत सिंह कोचड़ की गुच्छा और गोविंद शर्मा की सागर में गागर सामिल है। अरुणज्योति बोरा की अबतक दस से अधिक हिन्दी से असमिया भाषा में अनुदित पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है। 

 

     इससे पहले अरुणज्योति ने डॉ सांवरमल सांगानेरीया की अरुणोदय की धरती पर और लुईत की मानसपुत्रः शंकरदेव और उत्रर प्रदेश की पूर्व राज्यपाल राम नाईक की बहुचर्चित देश-विदेश की 18 भाषा में अनुदित पुस्तक चरैवेति - चरैवेति असमीया भाषा में अनुवाद किया था। उन्होनें 2015 में एक पत्रकार के रुप में अपना करियर शुरु किया था ।श्रीबोरा बाद में हिन्दी किताबों का असमीया भाषा में अनुवाद करने का काम भी संभाले रखा है। 

 

     जगदम्बा मल्ल जी द्वारा रचित स्वतंत्रता सेनानी रानी गाईदिनल्यु के जीवन आधारित उपन्यास 'रानी गाइदिनल्यू' तथा डॉ सांवरमल सांगानेरीया की भारत के ऐतिहासिक स्थानों यात्रा का कथा पर आधारित 'थोड़ी यात्रा थोड़े कागज' यह दोनों हिन्दी के असमिया भाषा में अनुवादित पुस्तकें प्रकाशित होने जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पूर्वांचल प्रहरी, लाट साहब के युवा पत्रकार और असम के लखीमपुर जिले के नारायणपुर महकमा के विष्णुपुर गांव के निवासी और कुशल अनुवादक अरुणज्योति बोरा का मोबाइल नंबर 7086163579 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

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