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जोनाई ,निज संवाददाता , 13 जुलाई :----- 
भारतत के गौरवशाली साहित्य और सांस्कृतिक विरासत को विश्व के कोने - कोने में पहुंचाने के उद्देश्य से गठित अखिल भारतीय संस्था हिंदी साहित्य भारती की पहली वर्षगांठ पर असम के प्रभारी डॉ नवीन चन्द्र लोहनी और असम प्रांत के प्रांतीय अध्यक्ष प्रो अनंत कुमार नाथ और महामंत्री डॉ जोनाली बरुवा ने सभी हिन्दी प्रेमियों को हार्दिक शुभकामनाएं व्यक्त किया है।असम के प्रभारी डॉ नवीन चन्द्र लोहनी और संयोजक डॉ जोनाली बरुवा के सहयोग से असम इकाई का गठन किया गया है । जिसमें मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के आचार्य एवं अध्यक्ष को प्रदेश प्रभारी डॉ नवीन चन्द्र लोहानी को दायित्व दिया गया है । मार्गदर्शक मंडल के तौर पर गुवाहाटी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ दिलीप कुमार मेधी , तेतलिया के सेवानिवृत्त अध्यापक देवेन्द्र चंद्र दास , लखीमपुर महाविद्यालय के सेवानिवृत्त अध्यापक बीएन कलिता , सेवानिवृत्त शिक्षिका स्वर्ण हाजरिका , गोलाघाट के बोखाखाट के गोलोक बरबरा हाई स्कूल के सेवानिवृत्त शिक्षक विमल अग्रवाल को रखा गया है । वहीं तेजपुर विश्वविद्यालय के के सेवानिवृत्त प्रोफेसर अनंत कुमार नाथ को अध्यक्ष बनाया गया हैं। उपाध्यक्ष के पद क्रमश: नगांव महाविद्यालय सेवानिवृत्त प्रध्यापक दिलीप कुमार शर्मा , डिगबोई महिला महाविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. जय कौशल , मनोहारी देबी के 
वानोई महाविद्यालय के प्रो डॉ अदिति सईकिया , गुवाहाटी के ब्रह्मपुत्र बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर मोहन कोईराला ,असम के राष्ट्रीय भाषा प्रचार समिति के महामंत्री डॉ खिरोडा कुमार सीटियां , नगांव महाविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ दिपा डेका को बनाया गया है।
धेमाजी जिले के मरीधल महाविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ जोनाली बरुवा को महामंत्री का दायित्व दिया गया है।संयुक्त महामंत्री के तौर पर तेजपुर विश्वविद्यालय के आधिकारिक भाषा के असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ कुल प्रसाद उपाध्याय , होजाई मोराजार महाविद्यालय के प्राध्यापक असीम दास , मिडिया संयोजक के रूप में दिपक शर्मा को रखा है। खारोपेटिया महाविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर आनोवारुल इस्लाम , नगांव के आनंद राम ढेकियाल फुकन महाविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ अब्दुल मन्नान , काटन महाविद्यालय के प्राध्यापिका डॉ नूरजहान रहमतुल्लाह , लखीमपुर
बालिका महाविद्यालय के प्राध्यापिका डॉ एमी मेहजफी ,सोवनशिरी महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ मनोज कलिता , लखीमपुर महाविद्यालय (स्वायत्तशासी) के प्राध्यापिका व विभागाध्यक्ष
 डॉ नंदिता दत्त , लखीमपुर बालिका महाविद्यालय के मीरा दास ,नगांव सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के शिक्षिका डॉ मुनमुन बरा , गुवाहाटी के महाविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ सत्यजीत कलिता , गुवाहाटी के काटन विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ परिस्मिता बोरदलै , कोषाध्यक्ष के तौर पर लखीमपुर वाणिज्य महाविद्यालय के डॉ मंजुमणि सईकिया ,को दायित्व अर्पण किया गया है। वहीं कार्यकारिणी सदस्य के रूप में लखीमपुर कालेज के प्राध्यापिका   
डॉ अर्चना हाजरिका , लखीमपुर महाविद्यालय (स्वायत्तशासी) के प्राध्यापिका प्रणीता दत्त ,करंचु उदय चंद्र शहकरिया हाईस्कूल के शिक्षिका पूर्वी पाठक , कार्वी आंगलोंग के बकलिया कालेज के प्राध्यापिका श्यामली बरा , नगांव के कुजीदाह हायर सेकंडरी स्कूल के वरिष्ठ हिंदी शिक्षिका विजय लक्ष्मी महंत , नगांव के जुरिया कालेज के प्राध्यापक डॉ सईदुल इस्लाम ,वैलीपिउ स्कूल के शिक्षिका दिपिका भुंआ , मरीधल हाईस्कूल के शिक्षिका पुर्णिमा फुकन , नारंगी सातगांव सैण्ट फ्रांसिस डी सेल्स हायर सेकंडरी स्कूल के तराली देवी , और धेमाजी की शिक्षिका बबीता अग्रवाला को शामिल किया गया है।

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जोनाई , निज संवाददाता , 22 जुलाई :--
       हिंदी साहित्य भारती की असम शाखा और मरिधल महाविद्यालय के हिंदी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मुंशी प्रेमचंद की जयंती आगामी 31 जुलाई को धेमाजी जिले के मरिधल महाविद्यालय के प्रांगण में आयोजित की जाएगी। 

 

    जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में असम प्रभारी व मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के प्राचार्य और अध्यक्ष डॉ नवीन चन्द्र लोहानी उपस्थित रहेंगे। बीज बक्ता के रूप में हिंदी साहित्य भारती की असम शाखा के अध्यक्ष और तेजपुर विश्वविद्यालय के (सेवानिवृत्त) प्रोफेसर अनंत कुमार नाथ , वक्ता के रुप में तेजपुर विश्वविद्यालय के सहायक निदेशक (राजभाषा) डॉ कुल प्रसाद उपाध्याय , वक्ता के रूप में लखीमपुर कमार्स महाविद्यालय के प्राध्यापिका डॉ मंजुमणि सईकिया, धेमाजी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के शिक्षिका सुश्री बबीता अग्रवाला , हिंदी साहित्य भारती की असम शाखा के महामंत्री व संयोजक और मरिधल महाविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ जोनाली बरुवा उपस्थित रहेंगी। मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर विद्यार्थियों में आलेख प्रतियोगिता आरंभ किया जा चुका है । 

उल्लेखनीय है कि मुंशी प्रेमचंद की जयंती प्रति वर्ष 31 जुलाई को मनाई जाती है। मुंशी प्रेमचंद का जन्म 31 जुलाई 1880 को वाराणसी से चार किलोमीटर दूर स्थित लमही गांव में हुआ था। उनका असली नाम धनपत राय श्रीवास्तव था ।

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जोनाई , निज संवाददाता , 01 अगस्त :-
         हिंदी साहित्य के यशस्वी लेखक मुंशी प्रेमचंद के जन्म दिवस के पावन अवसर पर हिंदी साहित्य भारती असम मरिधल महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में 31 जुलाई को प्रेमचंद जयंती का भव्य आयोजन किया गया। हिंदी साहित्य भारती असम के अध्यक्ष तथा तेजपुर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के अवकाश प्राप्त आचार्य प्रोफेसर अनंत कुमार नाथ की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। हिंदी साहित्य भारती असम शाखा की महामंत्री तथा मरिधल महाविद्यालय की हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ जोनाली बरुवा के संयोजन में आयोजित इस ऑनलाइन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के हिंदी विभाग के आचार्य एवं अध्यक्ष व असम प्रभारी डॉ नवीन चंद्र लोहानी जी के साथ साथ असम के विभिन्न महाविद्यालयों और विद्यालयों के शिक्षक उपस्थित थे। 

 

        महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम में आमंत्रित वक्ता के रूप में तेजपुर विश्वविद्यालय के सहायक निदेशक (राजभाषा) डॉ कुल प्रसाद उपाध्याय, डॉ. मंजूमणि सइकिया और बबिता अग्रवाल उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ मरिधल महाविद्यालय की छात्रा मेघना पाटोवारी द्वारा प्रस्तुत सुमधुर बरगीत से किया गया। अपने स्वागत संबोधन में डॉक्टर जोनाली बरुवा ने उपस्थित सभी का स्वागत करते हुए वर्तमान समय में प्रेमचंद की प्रासंगिकता का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें प्रेमचंद के आदर्श पात्रों की तरह ही अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने का साहस जुटाना होगा। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ लोहानी ने प्रेमचंद जयंती की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मुंशी प्रेमचंद भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में एक समादृत नाम है। वैश्विक साहित्य में मैक्सिम गोर्की और लूसुन के साथ प्रेमचंद को भी पहचाना जाता है। उन्होंने मुंशी प्रेमचंद के समग्र साहित्य पर भी संक्षिप्त प्रकाश डाला।

 
        कार्यक्रम के आयोजकों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि इससे असम के लोगों का हिंदी प्रेम झलकता है। डॉ लोहनी ने इसी तरह असमिया साहित्य को वैश्विक फ़लक पर ले जाने का प्रयास भी किया जाना चाहिए। तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से असम की साहित्य एवं संस्कृति को प्रेमचंद की निबंध प्रतिभा पर अपना वक्तव्य रखते हुए डॉ कुल प्रसाद उपाध्याय ने कहा कि प्रेमचंद एक महान उपन्यासकार, लोकप्रिय गल्पकार होने के साथ-साथ एक प्रतिभाशाली निबंधकार भी थे। उन्होंने विभिन्न विषयों पर कई स्तरीय निबंध लिखे हैं। डॉक्टर मंजूमणि सइकिया ने वर्तमान समय में प्रेमचंद की प्रासंगिकता और बबिता अग्रवाल ने प्रेमचंद की रचनाओं में नारी विषय पर अपने अपने विचार रखे। डॉ. जोनाली बरुवा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ ही कार्यक्रम के समाप्ति की घोषणा की ।

By JNO Admin
D.O.P : 01-08-2021

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