जोनाई , निज संवाददाता ,01 नवंबर :-----
धेमाजी जिले के जोनाई महकमा सदर से महज ही कुछ दुरी व जोनाई बाजार के बीचों-बीच स्थित शुल्भ मुल्य के दुकानदार और कालाबाजारी के मसीहा व्यवसायी सांवरमल अग्रवाला द्वारा खाद्य सुरक्षा कानून का चावल खुलेआम हार्डवेयर दुकान में बेचा जा रहा है।इस महकमे के लोग सांवरमल अग्रवाला के गोरखधंधे को आश्चर्यचकित हैं ।महकमे के नागरिक एवं आपुर्ति विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सब-कुछ जानते हुए कमीशन के चक्कर में चुप्पी साध रखी है। महकमे के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी और कर्मचारी महकमे के किराना दुकानदारों से रोजाना रिटर्न फाइल करने को कहते हैं।
अगर कोई किराना दुकानदार रिटर्न फाइल करने में चूक हुई तो विभागीय कर्मचारी कार्रवाई करने की चेतावनी देते है। वहीं विवादित व्यवसायी सांवरमल अग्रवाला द्वारा पिछले दो साल से लगातार खुलेआम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून का अंत्योदय अन्न योजना और पीएचएच योजना का चावल को चोरी छिपे खरीद कर ओपेन मार्केट में बेच रहा है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून का चावल हार्डवेयर दुकान के खरीद विक्री का स्टाक पाजिशन की मांग करने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी और कर्मचारी क्यों कतराते हैं। यह एक बड़ा सवाल बनकर रह गया है। सांवरमल अग्रवाला नामक विवादित व्यवसायी ने पिछले लाकडाउन के दौरान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून का चावल खुले बाजार में बेचने के लिए एक आदेश लेकर आया था। मगर कालाबाजारी व्यवसायी ने यह सरकारी चावल को जोनाई में कैसे लाया गया , रिलीज आर्डर कहा से लाया गया , कितने गाड़ियां चावल लाई गई , चावल की बोरी पर 2019-2020 वर्ष अंकित किया गया है कि नहीं,ट्रक संख्या के हिसाब के साथ ही आदेश के तहत लाएं गये सरकारी चावल को किस गोदाम में रखा गया है।सरकारी चावल को स्टाक करने के लिए कौन सा गोदाम दर्शाया गया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून का सरकारी चावल को गोदाम में रखने के लिए किस अधिकारी ने आदेश दिया था ,उसका नाम क्या है। इस सरकारी चावल का हिसाब शीर्ष क्रम के अधिकारियों और कर्मचारियों को पता नहीं है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग पुरी तरह मुकदर्शक बनी हुई है। उल्लेखनीय है कि सांवरमल अग्रवाला के हार्डवेयर दुकान से 2020-2021वर्ष का चावल बेंच रहा है , मगर रहस्य का पर्दा उठाने में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग पुरी तरह से नाकाम हैं।स्थानीय लोगों ने विवादित व्यवसायी सांवरमल अग्रवाला से सरकारी चावल का रिटर्न लेने के साथ ही कालाबाजारी से चावल खरीद कर खुलेआम बिक्री करने के मामले की महकमाधिपति प्रदीप कुमार द्विवेदी से उच्च स्तरीय जांच अपराध अनुसंधान विभाग से कराने की मांग की है।



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