Full width home advertisement

Travel the world

Climb the mountains

Post Page Advertisement [Top]

जोनाई , निज संवाददाता , 30 जुलाई :----
     धेमाजी जिले के जोनाई महकमा के जोनाई बाजार में राशन दुकान (शुल्भ मुल्य दुकान) और खाद्य सुरक्षा कानून के चावल हार्डवेयर दुकान में खुलेआम बिक्री पिछले कई वर्षों से करते देखा गया है। जिससे महकमे के लोग सरकारी चावल हार्डवेयर दुकान में खुलेआम बिक्री को देखकर आश्चर्यचकित हैं । महकमे में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी व कर्मचारी आदि सब-कुछ जानते इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। 

उल्लेखनीय है कि महकमे के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के कर्मचारी महकमे के किराना दुकानदारों से रोजाना रिटर्न अर्थात दुकान के स्टाक पाजिशन की मांग करते हैं ।अगर किसी किराना दुकानदारों द्वारा रिटर्न देने में चुक होने पर विभागीय अधिकारी कार्रवाई करने का चेतावनी भी देते हैं।वहीं सांवरमल अग्रवाला एंड कंपनी का खुले बाजार में बेचने वाला चावल खरीद और बिक्री का स्टाक पाजिशन की मांग करने से विभागीय कर्मचारी क्यों कतराते हैं। सवाल यह उठता है कि सिर्फ़ कानुन गरीब और कमजोरों के लिए बना है । 
  वहीं जोनाई बाजार के बिचोबीच स्थित सांवरमल अग्रवाला एंड कंपनी ने नौकरशाहों को खुश रखने में महारत हासिल किया है। स्थानीय लोगों ने शातिर खिलाड़ी सांवरमल अग्रवाला से राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा कानून के चावल का रोजाना रिटर्न और स्टाक पाजिशन लेने की मांग की है।

सांवरमल अग्रवाला नामक शातिर खिलाड़ी ने पिछले लाकडाउन के दौरान चालबाजी कर राष्ट्रीय खाद्य एवं सुरक्षा कानून का चावल को खुले बाजार में बेचने के लिए एक आदेश लेकर आया था । मगर राष्ट्रीय खाद्य एवं सुरक्षा कानून का चावल जोनाई में कहा से लिफ्ट किया गया, रिलीज आर्डर ,कितने गाड़ियां चावल लाया गया, ट्रक संख्या का हिसाब , उक्त आदेश का चावल को कौन सा गोदाम में रखा गया है । उक्त सरकारी चावल को रखने के लिए कौन सा गोदाम दिखाया गया है। सरकारी चावल को गोदाम में रखने के लिए किस अधिकारी ने आदेश दिया और उसका नाम क्या है ।इसका किसी भी विभागीय अधिकारियों को पता नहीं है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग मुकदर्शक बने हुए हैं।
 गौरतलब है कि सांवरमल अग्रवाला ने पिछले 24 मई की सुबह अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट के एक व्यवसायी जब्बार अली नामक एक व्यवसायी को 20 पाकेट चावल प्लास्टिक के बोरी में भरकर मशीन सिलाई कर बिक्री किया था। जिसके बाद स्थानीय संवाददाताओं का दल ने असम और अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र  रुकसिन से एएस 15 सी 8985 नंबर की पिकअप में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के चावल को कार्यवाही दण्डाधीश प्रीतम कुमार दास और खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग के दो निरीक्षकों के खाद्य सुरक्षा कानून का चावल की पुष्टि होने के बाद कालाबाजारी के चावल को अपने कब्जे में ले लिया और जब्त कर लिया था। सवाल यह भी है कि अगर सबकुछ ठीक था, तो विभागीय अधिकारियों ने चावल को जब्त क्यों किया ।साथ ही शातिर खिलाड़ी ने पिछले बीस वर्षों से जोनाई बाजार के बिचोबीच पीडीएस का चावल को कौन सा आर्डर लेकर खुलेआम गोरखधंधा कैसे चला रहा है। स्थानीय लोगों ने सांवरमल अग्रवाला नामक शातिर खिलाड़ी से रिटर्न रोजाना लेने के साथ ही चोरी चुपके से चावल खरीदने के मामले में कार्रवाई कर उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग नव नियुक्त महकमाधिपति प्रदीप कुमार द्विवेदी से की है।



 

No comments:

Post a Comment

say somethings

Bottom Ad [Post Page]

| Designed by Colorlib