धेमाजी जिले के जोनाई महकमा के विभिन्न भागों में अखिल बोडो महिला कल्याण परिषद के 36 वां प्रतिष्ठा दिवस आयोजित किया गया।
अखिल बोडो महिला कल्याण परिषद की जोनाई आंचलिक समिति के अध्यक्ष वाइलेंग ग्यारी ने हाथीजान बोडो प्राथमिक विद्यालय में झंडा फहराया। उक्त विद्यालय के प्रांगण में एक सभा का आयोजन किया गया । जिसकी अध्यक्षता अखिल बोडो महिला कल्याण परिषद की जोनाई आंचलिक समिति की अध्यक्ष वाइलेंग ग्यारी ने किया । इस सभा में संयुक्त बोडो गणमंच के अध्यक्ष मनोरंजन बसुमतारी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बोडो समुदाय के लोगों को संविधानिक अधिकार प्राप्त करने के लिए बोडोलैंड आंदोलन को शक्तिशाली रुप से चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही महिला के अधिकारों व समाज के विकास के लिए महिलाएं युग -युग से संग्राम करती आ रही है।श्रीबसुमतारी ने शिक्षा , अर्थ समाजिक की दिशा में नेतृत्व लेने के लिए महिलाओं को आह्वान किया।
धेमाजी जिला समिति के अध्यक्ष फुलेश्वरी दैमारी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बोडो जाति के महिलाओं के संकट के समय में महिलाओं ने सदैव शक्तिशाली भुमिका अदा किया। इस अवसर पर जोनाई आंचलिक समिति के सचिव मिनु नार्जारी , अविभाजित लखीमपुर जिला बाथौ महासभा के अध्यक्ष शुक्रधर बसुमतारी , संयुक्त बोडो गण मंच के जोनाई आंचलिक समिति के अध्यक्ष लोहित गौड़ा बसुमतारी, सचिव अशोक बसुमतारी , आब्सु के जोनाई आंचलिक समिति के अध्यक्ष मोजांगगोसांई नार्जारी ,सौर्जिला उवारी , माधुरी बसुमतारी ,शुभारानी बसुमतारी , कुसुम बसुमतारी , कमिला ब्रह्मा ,अनिमा नार्जारी ,पामी स्वर्गयारी आदि महिलाओं ने भी अंचल के विभिन्न भागों में सभा-समितियों में हिस्सा लिया।
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जोनाई , निज संवाददाता , 15 जुलाई :
जोनाई महकमा छात्र संघ की जोनाई महकमा समिति के अध्यक्ष रंजीत बसुमतारी , सचिव नयन ज्योति बरुवा और अखिल असम छात्र संघ के केन्द्रीय समिति के कार्यकारिणी सदस्य राजीव गोगोई और धेमाजी जिला छात्र संघ के मुख्य सांगठनिक सचिव दिलीप कुटुम ने संयुक्त रूप से जारी एक स्मारक पत्र
जोनाई महकमा के प्रभारी महकमाधिपति के जरिए राज्य के मुख्यमंत्री, असम सरकार के वन मंत्री और धेमाजी जिले के जिला उपायुक्त को प्रेषित किया है।
स्मारक पत्र में उल्लेखनुसार जोनाई महकमा का रक्षा-कवच के रूप में स्थित पोबा संरक्षित वनांचल को अभयारण्य के रुप में घोषणा करके सुरक्षा प्रदान करने की बार बार मांग किया जा रहा है। लेकिन सरकार के तरफ से कोई कार्रवाई नहीं किया गया है। जिससे एक तरफ बाढ़ व भु-कटाव और अवैध काठ व्यवसायी के उपद्रव से इस वनांचल के मुल्यवान और औषधीय युक्त पेड़ों की अंधाधुध कटाई कर वनांचल को ध्वंस किया जा रहा है। वनविभाग के कर्मचारी अवैध व्यवसायियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के बजाय व्यवसायियों को सहयोग करने का आरोप स्मारक पत्र में लगाया गया है।
वहीं धेमाजी जिले के वन विभाग की नार्सरी बनाने के नाम पर पोबा वनांचल के तीन माइल घाट में बहुत मुल्यवान पेड़ों की कटाई करने का आरोप स्मारक पत्र में लगाया गया है। नार्सरी स्थापना करने के लिए वनांचल में बहुत खुली भुमि रहने के बावजूद भी पेड़ों की कटाई कर नार्सरी स्थापना की कार्य पर वन विभाग और ठेकेदार की मिली भगत का आरोप लगाया है। साथ ही छात्र संघ ने वनांचल की अवैध कटाई की जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ही दोषी व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई करने के साथ ही जोनाई के पोबा वनांचल को अतिशीघ्र अभ्यारण्य घोषणा करने की मांग जोनाई महकमा छात्र संघ ने किया है।



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