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जोनाई , निज संवाददाता , 20 अक्टूबर :-----
         धेमाजी जिले के जोनाई महकमा के मुरकंगसेलेक रेलवे स्टेशन डांगरिया बाबा मंदिर में पिछले बीस माह से लह रहे एक मानसिक विकार वयक्ती को एक साधु ने उसके परीजनों से मिलाया। जिससे देखकर जोनाई में लोगो के बीच खुशी का माहौल हैं। जानकारी के अनुसार करीब दो वर्ष पुर्व डिमापुर के खटखटी निवासी कन्हैया महतो 
कुछ साल पुर्व अपना मानसिक संतुलन खो कर दिया और इधर-उधर भटकते हुए जोनाई आ पहुंचा। जहां पर वह एक होटल में काम करता रहा।
 मगर लाकडाउन के चलते उसे होटल मालिक ने काम से निकाल दिया। इधर वह भुख प्यास से छटपटाते कन्हैया महतो मुरकंगसेलेक रेलवे स्टेशन डांगरिया बाबा मंदिर के बाहर बने कल्वर्ट पर बैठा था। जिसके बदन पर सिर्फ एक कपड़ा था।काफी पुछताछ के बाद भी श्री महतों अपना पता सही ढंग से न बता पाया और इतना ही कहा की उसका घर तीन फार्मेसी के पास हैं। जिसके बाद मंदिर संचालन समिति के सचिव मनोज कुमार प्रजापति , उपाध्यक्ष दिनेश सिंह और सहसचिव मोहन राय , संताई बनिक और मंदिर के पुरोहित संजीव उपाध्याय आदि सदस्यों ने श्रीमहतो को मंदिर में रहने की व्यवस्था कर दी।


 जहां पर मंदिर संचालन समिति के सदस्यों की देखभाल के कारण कन्हैया महतो नित्य मंदिर की साफ सफाई करने के साथ ही पुजा पाठ भी करने लगा और धीरे-धीरे उसकी हालत में सुधार आने लगा। इसी दौरान एक साधु महात्मा भीक्षाटन करते हुए जोनाई के मुरकंगसेलेक रेलवे स्टेशन डांगरिया बाबा मंदिर पुहंचे। जहां से कन्हैया महतों के जीवन में नया मोड़ आ गया और कन्हैया महतों को अपने घर के बारे में लगभग हर जानकारी याद होने लगी। वहीं साधू महाराज भी कन्हैया द्वारा बताये गये पता पर डिमापुर के खटखटी पहुँच कर उसके परिजनों की खोज खबर ली और साधु बाबा ने श्री महतों के घर पहुँच कर उसके बेटे को लेकर मुरकंगसेलेक रेलवे स्टेशन डांगरिया बाबा मंदिर ले आये। जहां पर उक्त मंदिर परिसर में पिता-पुत्र मेल मिलाप हुआ। मंदिर समिति ने पिता-पुत्र के मिलन पर खुशी जाहिर किया। कन्हैया महतो के पुत्र ने समिति के सदस्यों को आधार कार्ड और पहचान पत्र प्रस्तुत कर अपने पिता को साथ लेकर डिमापुर के खटखटी के लिए रवाना हो गया। वहीं स्थानीय लोगो ने भी इस मिलन पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा हैं कि भगवान भोले नाथ की असीम कृपा से एक भटके हुए इंसान को उसका परिवार मिल गया।

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