मिसिंग स्वायत्त शासित परिषद के कार्यवाही सदस्य राजु मेदक ने बीर सपूत मेजर दुर्गा मल्ल का बलिदान दिवस अगले वर्ष जोनाई के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खेल मैदान में आयोजित करने का प्रस्ताव रखा।
जोनाई , निज संवाददाता, 25 अगस्त :----
असम गोरखा सम्मेलन की धेमाजी जिला समिति के तत्वावधान में जोनाई टाउन क्लब के प्रांगण में
आज एक साधारण सभा का आयोजन किया गया। जिसमें भारत के बीर सपूत के मेजर दुर्गा मल्ल का 79 वें बलिदान दिवस के मौके पर सर्व प्रथम सुबह नौ बजे असम गोरखा सम्मेलन की धेमाजी जिला समिति की अध्यक्ष विष्णु लाल प्रधान ने सम्मेलन का झंडा फहराया।
इस अवसर पर देश के आजादी के लिए अहम योगदान देने वाले बीर सपूत मेजर दुर्गा मल्ल को श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। इसके बाद खुली सभा की अध्यक्षता असम गोरखा सम्मेलन की धेमाजी जिला समिति की अध्यक्ष विष्णु लाल प्रधान ने किया।
सभा की उद्देश्य व्याख्या सम्मेलन के सचिव पार्थ छेत्री ने किया। खुली सभा में असम गोरखा सम्मेलन की केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष कृष्ण भुजेल , उपाध्यक्ष छविलाल शर्मा , साधारण सचिव संजीव छेत्री, संजीव दाहाल ,दीपा छेत्री,
सचिव गितांजली शर्मा , गिरींद्र दाहाल , मिसिंग स्वायत्त शासित परिषद के कार्यवाही सदस्य राजु मेदक , नरेश कुम्बांग ,टीएमपीके के केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष राजकुमार मोरांग , गोरखा उन्नयन परिषद के सदस्य राजू तामांग सहित कई विशिष्ट अतिथियों ने बलिदान दिवस के अवसर पर सभा को संबोधित किया।
सभा में अतिथियों ने संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानी मेजर दुर्गा मल्ल का जन्म पहली जुलाई 1913 को देहरादून के डोईवाला गांव में हुआ था । स्वतंत्रता सेनानी मेजर दुर्गा मल्ल ने राष्ट्रीय पिता महात्मा गांधी के डांडी मार्च तथा सत्याग्रह आन्दोलन में भी भाग लिया था।
उन्हें 25 अगस्त 1944 को ब्रिटिश हुकूमत ने दिल्ली के सेंट्रल जेल में फांसी पर लटका दिया गया था।इस लिए इस दिन को समस्त भारत वर्ष में गोरखा सम्प्रदाय के लोग बलिदान दिवस के रूप में मनाते हैं।
इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए मिसिंग स्वायत्त शासित परिषद के कार्यवाही सदस्य और मिसिंग बाने केबांग के केन्द्रीय समिति की महासचिव राजु मेदक ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी और बीर सपूत मेजर दुर्गा मल्ल मात्र गोरखा सम्प्रदाय के शहीद सैनिक नहीं थे
बल्कि पुरे देश के बीर सिपाही थे। इसलिए आने वर्ष में हम सभी भाषा-भाषी लोग और टीएमपीके ,एमएमके सहित जातीय जनगोष्ठीय संगठन , गोरखा सम्प्रदाय और संगठन सहित स्थानीय लोग मिलकर एक साथ बलिदान दिवस का आयोजन जोनाई के उच्चतर
माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में सामुहिक रूप से धुमधाम से आयोजन कराने का प्रस्ताव दिया। जिसकी उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट स्वागत किया। सभा में असम गोरखा सम्मेलन की केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष कृष्ण भुजेल ने मेजर दुर्गा मल्ल के जीवन पर प्रकाश डालते हुए विस्तार से बताया।



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